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Trump-Xi Meeting: ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात में AI पर चर्चा, भारत का जिक्र नहीं; जानें क्या हुआ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वॉशिंगटन में मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ताइवान और अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में AI एक प्रमुख विषय रहा। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार बैठक के दौरान भारत का कोई प्रमुख उल्लेख सामने नहीं आया।

व्हाइट हाउस में हुई ट्रंप-शी की मुलाकात

शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने पर ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने उनका स्वागत किया। इसके बाद व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बैठक हुई। यह 2026 में दोनों नेताओं की दूसरी बड़ी मुलाकात है। बातचीत में अमेरिका-चीन संबंधों को स्थिर रखने और दोनों देशों के बीच टकराव को सीमित करने पर भी जोर दिया गया।

AI बना बातचीत का अहम मुद्दा

बैठक से पहले ही ट्रंप ने कहा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चर्चा का बड़ा विषय होगा। ट्रंप ने AI को लेकर नए वैश्विक नियंत्रण या अतिरिक्त नियमों के प्रति अपना रुख भी जाहिर किया था।

वहीं, शी जिनपिंग ने AI के विकास के साथ उसके सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के पास AI को विकसित और प्रबंधित करने की क्षमता और जिम्मेदारी है तथा इसका विकास मानव नियंत्रण में रहना चाहिए।

AI पर अमेरिका और चीन का रुख पूरी तरह एक जैसा नहीं

AI को लेकर दोनों देशों के बीच सहयोग की बात हुई, लेकिन उनके दृष्टिकोण में अंतर भी सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप अतिरिक्त AI गार्डरेल्स और व्यापक नियंत्रण को लेकर ज्यादा सतर्क रहे हैं, जबकि शी ने AI के विकास को मानव नियंत्रण में रखने और उसके सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया।

अमेरिका और चीन दोनों ही AI के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रमुख ताकतें हैं। ऐसे में AI सुरक्षा, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और भविष्य की तकनीकी नीतियां दोनों देशों के बीच बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही हैं।

भारत का जिक्र क्यों चर्चा में आया?

Live Hindustan की रिपोर्ट के शीर्षक में बैठक के दौरान भारत का उल्लेख नहीं होने की बात सामने आती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत अमेरिका-चीन संबंधों के लिए अप्रासंगिक है। हाल की रिपोर्टों में भारत को इस पूरे रणनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखने वाले प्रमुख एशियाई देशों में शामिल किया गया है।

भारत के लिए अमेरिका-चीन संबंध इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र, ताइवान और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी जुड़े हैं।

व्यापार और ताइवान भी एजेंडे में

ट्रंप-शी बातचीत केवल AI तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और बाजार पहुंच के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ताइवान और अमेरिका-चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा भी बैठक के प्रमुख विषयों में रही।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और चीन ने अपने व्यापार संघर्ष के बीच तनाव कम रखने की दिशा में भी बातचीत की। हालांकि, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े मतभेद अभी बने हुए हैं।

शी ने अमेरिका-चीन रिश्तों में टकराव से बचने की बात कही

शी जिनपिंग ने अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा को “स्वस्थ” रखने और इसे जीत-हार की लड़ाई में नहीं बदलने पर जोर दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने और सैन्य स्तर पर संकट संचार को बेहतर करने की बात भी कही।

मुलाकात के बाद क्या तस्वीर सामने आई?

बैठक से अमेरिका और चीन के बीच संवाद जारी रखने के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन AI, तकनीकी नियंत्रण, ताइवान और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी खत्म नहीं हुए हैं। इसलिए इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों में संवाद का एक महत्वपूर्ण चरण माना जा सकता है, जबकि कई बड़े विवादित मुद्दों पर आगे भी बातचीत की जरूरत बनी हुई है।

 

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