समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का समाजवादी PDA रथ गुरुवार को लखनऊ से रायबरेली के लिए रवाना हो गया। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अखिलेश यादव की रथ के जरिए यह पहली यात्रा है। अमर उजाला के मुताबिक, इस दौरान अखिलेश यादव रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से मुलाकात करेंगे।
अखिलेश यादव पहले कार से रायबरेली की ओर रवाना हुए और चुरुआ पहुंचने के बाद समाजवादी PDA रथ पर सवार हुए। इसके बाद रथ के जरिए रायबरेली शहर की ओर जाने का कार्यक्रम है। रथ यात्रा का समापन रायबरेली के जीआईसी मैदान में प्रस्तावित है।
समाजवादी पार्टी ने इस रथ को विशेष रूप से तैयार कराया है। रथ पर समाजवादी आंदोलन और पार्टी से जुड़े प्रमुख नेताओं की तस्वीरें और संदेश भी लगाए गए हैं। पार्टी के लिए यह रथ चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं तक पहुंच बनाने और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने का माध्यम है।
रायबरेली पहुंचने के बाद अखिलेश यादव हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पर जाएंगे। यहां उनके साथ चाय पर मुलाकात का कार्यक्रम है। इसके बाद वह पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक करेंगे।
अखिलेश यादव का यह दौरा हाल में रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज से जुड़े विवाद के बाद हो रहा है। इस मामले में समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी से जुड़े लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद सपा विधायक राहुल लोधी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर आरोप लगाए थे, जबकि पुलिस की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया था।
समाजवादी पार्टी के मुताबिक, PDA का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है। पार्टी की राजनीति में यह सामाजिक समूहों से जुड़ा एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा रहा है। रथ के जरिए पार्टी इन वर्गों के बीच संपर्क और संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
अखिलेश यादव की इस यात्रा को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, किसी यात्रा का चुनावी प्रभाव कितना होगा, इसका आकलन अभी करना जल्दबाजी होगी।
रायबरेली लोकसभा सीट से राहुल गांधी सांसद हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का यहां से रथ यात्रा की शुरुआत करना राजनीतिक रूप से चर्चा में है। मीडिया रिपोर्टों में इसे सपा के जमीनी संपर्क और संगठन को सक्रिय करने की कवायद के तौर पर बताया गया है।
रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वागत के लिए कई जगह पोस्टर और होर्डिंग भी लगाए हैं। स्थानीय सपा नेताओं के मुताबिक, यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
रथ यात्रा से एक दिन पहले अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर आरोप लगाए और आगामी विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग हो सकता है।
अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा के बाद समाजवादी पार्टी की आने वाले महीनों में संगठनात्मक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर फोकस के जरिए चुनावी तैयारी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
रायबरेली से शुरू हुई यह रथ यात्रा आगे किस तरह का राजनीतिक कार्यक्रम बनाती है और किन मुद्दों को प्रमुखता देती है, इस पर आने वाले दिनों में नजर रहेगी।