राजधानी दिल्ली में आजकल आसमान में छाई धुंध और यमुना नदी में तैरते सफेद झागों के दृश्यों को देखकर पहली नजर में आपको धार्मिक टीवी सीरियलों दिखाए जाने वाले स्वर्ग लोक के आसपास उड़ते बादलों जैसी अनुभूति होगी, लेकिन गौर से देखने पर हकीकत शर्मिंदा करने वाली नजर आती है।
दिल्ली में दिवाली के बाद से ही हवा और यमुना का पानी दोनों खतरनाक होते जा रहे हैं। ऐसे में सोमवार से नहाय-खाय के साथ शुरू हुए भगवान सूर्य की उपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ पर प्रदूषित यमुना ने श्रद्धालुओं की परेशानियां बढ़ा दी है। दिल्ली में मंगलवार सुबह आईटीओ और कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में तैरते जहरीले झागों की मोटी परत के बीच छठ पूजा के दूसरे दिन खरना पर श्रद्धालुओं ने नदी में खड़े होकर पूजा-अर्चना की।
यहां पर पहली नजर में कालिंदी कुंज और आईटीओ के पास यमुना नदी की सतह पर तैरते इन जहरीले झागों के बीच खड़े इन छठ श्रद्धालुओं को देखने से ऐसा लगता है जैसे ये आसमान में उड़ते बादलों के बीच भगवान सूर्य की अराधना कर रहे हैं, लेकिन असल में वह जहरीले झागों का गंदा पानी है।
कालिंदी कुंज के पास यमुना घाट पर पूजा के लिए पहुंची एक श्रद्धालु ने कहा कि हम जानते हैं कि यमुना नदी का पानी गंदा है और यह खतरनाक हो सकता है, लेकिन इसके सिवाय हमारे पास कोई विकल्प नहीं है क्योंकि नदी के बहते पानी में खड़े होकर सूर्य देव की पूजा की जाती है।
बता दें कि, रविवार सुबह से ही कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी की सतह पर जहरीले झाग तैरते दिख रहे हैं। हवा-पानी के साथ दूषित होने से सरकार के साथ पर्यावरणविद् भी चिंतित हैं। छठ से पहले प्रदूषण को लेकर सियासी घमासान लगातार जारी है। दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण और यमुना के पानी में प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ने को लेकर कई बार चिंता जता चुकी है, लेकिन अब तक इस समस्या पर काबू नहीं पाया जा सका है।