भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की भैरोंघाटी से पीडीए तक की सड़क सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएगी। इसके लिए बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) ने भारत माला परियोजना में सीमा क्षेत्र सड़क पुनर्वास के लिए करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत की डीपीआर तैयार की है।
इसी के चलते अब सीमा क्षेत्र में अग्रिम चौकियों तक भी पक्की और अच्छी सड़क बनाई जा रही है। इस क्रम में अब सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर भी सड़क सुधार की योजना है। बीआरओ ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारत माला परियोजना में इसके लिए डीपीआर (विस्तृत कार्य योजना) तैयार की है।