लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रावासों में व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने चंद्रशेखर आजाद गर्ल्स हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और हॉस्टल में पानी, खानपान, स्वच्छता, निर्माण कार्य और खेल सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान पानी की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं ने शिकायत की। कुलपति ने मौके पर ही पानी का TDS चेक कराया, जो 376 आया। इसके बाद उन्होंने आरओ सर्विस सेंटर को पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
कुलपति के निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने हॉस्टल से जुड़ी कई समस्याएं उनके सामने रखीं। इनमें खास तौर पर पानी की गुणवत्ता को लेकर असंतोष जताया गया।
इसके बाद कुलपति ने खुद पानी की जांच कराई। जांच में TDS स्तर 376 पाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आरओ सर्विस सेंटर को इसे ठीक करने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ विश्वविद्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार चंद्रशेखर आजाद हॉल मुख्य परिसर का गर्ल्स हॉस्टल है और इसकी क्षमता 176 छात्राओं की है।
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल में लंबे समय से निर्माणाधीन आठ नए कमरों का मामला भी सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक इन कमरों का ढांचा वर्ष 2010-11 में ही तैयार हो गया था, लेकिन छत से जुड़ी कुछ कमियों के कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया था।
करीब 16 साल बीतने के बावजूद इन कमरों का काम पूरा नहीं हो सका। कुलपति ने इस पर नाराजगी जताई और उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को तय मानकों के अनुसार निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
कुलपति ने निर्माणाधीन कमरों की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों से काम में देरी का कारण पूछा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
हॉस्टल में अतिरिक्त कमरों के तैयार होने से छात्राओं के लिए आवासीय सुविधा बढ़ सकती है। हालांकि, इन कमरों को उपयोग में लाने की स्थिति निर्माण कार्य और आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कुलपति ने हॉस्टल के मेस और किचन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टोर रूम में रखी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता देखी और छात्राओं के लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बर्तन धोने वाले स्थान पर पानी का प्रेशर कम पाया गया। इसके बाद निर्माण विभाग को वहां मोटर लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो सके।
हॉस्टल परिसर में बने जिम का भी कुलपति ने निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद ट्रेडमिल और अन्य फिटनेस उपकरणों की कार्यप्रणाली देखी।
इस दौरान हॉस्टल की साफ-सफाई और छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही दूसरी सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण का उद्देश्य हॉस्टल की व्यवस्थाओं को मौके पर जाकर देखना और छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई करना बताया गया।
लखनऊ विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में व्यवस्थाओं को लेकर हाल के दिनों में शिकायतें और प्रदर्शन सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को कैलाश छात्रावास की छात्राओं ने भी प्रदर्शन किया था। इसके बाद बुधवार को कुलपति ने चंद्रशेखर आजाद गर्ल्स हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया।
इस निरीक्षण में प्रशासन ने केवल पानी की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि मेस, किचन, निर्माण कार्य और जिम जैसी सुविधाओं को भी देखा।
निरीक्षण के बाद अब दो प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई की स्थिति देखी जाएगी। पहला, पानी की व्यवस्था को ठीक करने के लिए आरओ सर्विस सेंटर की कार्रवाई और दूसरा, वर्षों से अधूरे पड़े आठ कमरों का निर्माण।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद इन व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।