कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में जिस मामले में मृतक की बहू शालू की भूमिका सामने आ रही थी, उसकी दिशा आगे की विवेचना में बदल गई। पुलिस ने मृतक के बेटे सुब्रत मिनोचा को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर गिरफ्तार किया है। जांच में CDR, CCTV फुटेज, बरामदगी और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या की साजिश की कड़ियां जोड़ने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार सुब्रत पर करीब 40 से 50 लाख रुपये का कर्ज था। जांच में जुआ-सट्टा और संपत्ति से जुड़े कारणों को भी हत्या की साजिश से जोड़कर देखा गया है। पुलिस का दावा है कि आर्थिक दबाव और अन्य विवादों के चलते सुब्रत ने अपने पिता की हत्या की योजना बनाई।
हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में कर्ज की रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए मामले में अंतिम कारण और आर्थिक लेनदेन की पूरी तस्वीर जांच और अदालत की कार्यवाही से ही स्पष्ट होगी।
पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने विशाल गौतम और राजकिशोर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस ने आरोपियों के बीच संपर्क और घटना से जुड़ी गतिविधियों की जांच के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, CCTV और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इन्हीं साक्ष्यों और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर सुब्रत की भूमिका सामने आने का पुलिस ने दावा किया है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि विशाल ने पूछताछ के दौरान अपना बयान बदला और सुब्रत पर हत्या के लिए पैसे देने का आरोप लगाया। इन बयानों की पुलिस अन्य साक्ष्यों से जांच कर रही है।
इस हत्याकांड की शुरुआती जांच में मृतक की बहू शालू मिनोचा का नाम सामने आया था। पुलिस ने उसकी भूमिका की भी जांच की थी। लेकिन बाद की विवेचना में पुलिस का कहना है कि शालू के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने वाले पर्याप्त पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद जांच का फोकस सुब्रत की भूमिका पर चला गया।
हालांकि किसी व्यक्ति को पूरी तरह निर्दोष या दोषी मानने का अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
पुलिस ने हत्याकांड की जांच में आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, बरामदगी और दूसरे वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाया। पुलिस के अनुसार इन सभी जानकारियों को आपस में मिलाने के बाद घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की टाइमलाइन तैयार की गई।
इसी जांच के आधार पर पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार किया और उसे मामले में मुख्य साजिशकर्ता बताया है।
विनीत मिनोचा की हत्या 5 सितंबर 2026 को कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और शुरुआती दौर में कई लोगों से पूछताछ की गई।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को मामले में नए तथ्य मिले और अब बेटे सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की पूरी कहानी एक नए एंगल से सामने आई है।
कानपुर पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आए CDR, CCTV, बरामदगी और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को आपस में मिलाया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर सुब्रत की भूमिका मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आने का दावा किया गया है।
पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हत्या की साजिश, आर्थिक लेनदेन, आरोपियों के बीच संपर्क और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस द्वारा जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्य अब केस की विवेचना में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस मामले में सामने आए आरोप फिलहाल पुलिस की जांच और आरोपियों के बयानों पर आधारित हैं। अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी अदालत की कानूनी प्रक्रिया में तय होगी।