उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहकर जनता के मुद्दों पर काम करेंगी और किसी राजनीतिक दबाव से डरेंगी नहीं। हालांकि, उन्होंने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है।
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया और 15 सितंबर 2026 से वह प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त हो गईं।
दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर में CDO और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष समेत कई पदों पर भी काम कर चुकी हैं।
राजनीति में आने की घोषणा करते हुए दिव्या मित्तल ने फिलहाल किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ने की बात नहीं कही है। रिपोर्टों के मुताबिक उनका कहना है कि वह नागरिकों के साथ मिलकर एक ऐसा राजनीतिक मंच तैयार करना चाहती हैं, जिसमें जनता की समस्याओं और सवालों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने राजनीति में पैसे और जातीय समीकरणों के बजाय जनसमर्थन और मुद्दों पर काम करने की बात कही है।
दिव्या मित्तल ने अपने बयान में बीजेपी सरकार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी और जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछती रहेंगी।
उनके बयानों में ग्रामीण इलाकों की सड़कें, गड्ढे, रोजगार और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को राजनीति में अपनी बात रखने के दौरान सोशल मीडिया ट्रोलिंग और दबाव का सामना करना पड़ता है।
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के बाद उनके मिर्जापुर से चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चा शुरू हुई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में उन्होंने अभी किसी सीट से चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए वह लहुरिया दह गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने के काम को लेकर चर्चा में आई थीं। इस्तीफे के समय उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में मिर्जापुर से जुड़ी अपनी यादों का भी जिक्र किया था।
दिव्या मित्तल ने 27 सितंबर को सोशल मीडिया पर संकेत दिया था कि वह 29 सितंबर की सुबह 8:30 बजे अपने अगले कदम के बारे में जानकारी देंगी। इसके बाद उनके राजनीति में प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
अब उन्होंने राजनीति में आने की दिशा स्पष्ट कर दी है। फिलहाल उनका कहना है कि वह उत्तर प्रदेश में रहकर जनता के मुद्दों पर काम करेंगी और किसी मौजूदा राजनीतिक दल से जुड़ने के बजाय नागरिकों के साथ अपना राजनीतिक मंच तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।