हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को दिल की बीमारियों और उनसे जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूक करना है। 2026 की मुहिम का संदेश “Don’t Miss a Beat” है, जिसमें दिल से जुड़ी चेतावनी के संकेतों को नजरअंदाज न करने और समय रहते सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियां दुनिया में मौत का प्रमुख कारण हैं। अस्वस्थ खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तंबाकू का इस्तेमाल और अत्यधिक शराब का सेवन हृदय रोग के प्रमुख व्यवहार संबंधी जोखिम कारकों में शामिल हैं।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए शरीर को एक्टिव रखना बेहद जरूरी है। रोज पैदल चलना, साइकिल चलाना, तैरना, डांस करना या अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य शारीरिक गतिविधि की जा सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसे रोगों के जोखिम को कम करने में मदद करती है। विश्व हृदय महासंघ ने भी 2026 की मुहिम में रोज कम से कम कुछ समय शरीर को सक्रिय रखने पर जोर दिया है।
दिल की सेहत के लिए खानपान पर ध्यान देना जरूरी है। खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और अन्य पौष्टिक चीजों को शामिल करें।
वहीं ज्यादा नमक, चीनी, तला हुआ खाना और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड कम करने की कोशिश करें। WHO के अनुसार, वयस्कों को रोजाना 2000 मिलीग्राम से कम सोडियम, यानी लगभग 5 ग्राम से कम नमक लेना चाहिए।
सिगरेट, बीड़ी और दूसरे तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए दिल को स्वस्थ रखने के लिए तंबाकू से दूरी बनाना महत्वपूर्ण है।
WHO के अनुसार, तंबाकू का इस्तेमाल हृदय रोग और स्ट्रोक के प्रमुख व्यवहार संबंधी जोखिम कारकों में शामिल है।
हाई ब्लड प्रेशर और ज्यादा वजन लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल चेक करवाते रहना उपयोगी है।
खासकर जिन लोगों में पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच और उपचार जारी रखना चाहिए। WHO के मुताबिक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्लूकोज और ब्लड लिपिड हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं।
दिल की सेहत के लिए केवल खानपान और एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है। रोजाना अपनी दिनचर्या में आराम और तनाव कम करने के लिए समय निकालें।
WHO स्वस्थ जीवनशैली के हिस्से के तौर पर पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ खानपान जैसी आदतों पर जोर देता है।
विश्व हृदय दिवस 2026 का संदेश भी यही है कि दिल से जुड़ी चेतावनी को नजरअंदाज न किया जाए। सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, अचानक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।
सिर्फ लाइफस्टाइल में बदलाव हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं होता। अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय संबंधी बीमारी, हाई BP, डायबिटीज या अन्य जोखिम है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच और इलाज जरूरी है।