उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। सपा ने वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और कारोबारी क्षेत्र से जुड़े धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवार बुधवार, 30 सितंबर को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगे।
सपा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी बुधवार सुबह करीब 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस दौरान अखिलेश यादव के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक भी मौजूद रहेंगे।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख 16 अक्टूबर 2026 तय की है।
प्रो. रामगोपाल यादव समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह लंबे समय से पार्टी का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका यह राज्यसभा का छठा कार्यकाल हो सकता है।
रामगोपाल यादव पहली बार 1992 में राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने लोकसभा में भी प्रतिनिधित्व किया और फिर 2008 में राज्यसभा में वापसी की। वह सपा के संसदीय और संगठनात्मक मामलों में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
सपा के दूसरे उम्मीदवार के तौर पर धनराज परिमल नथवानी का नाम सामने आया है। वह उद्योग और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े हैं और रिलायंस समूह से उनका संबंध बताया जाता है। वह राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के बेटे हैं।
परिमल नथवानी जून 2026 में झारखंड से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह उनका राज्यसभा में चौथा कार्यकाल है।
धनराज नथवानी का नाम सपा की ओर से सामने आने के बाद राज्यसभा चुनाव की चर्चा और तेज हो गई है, क्योंकि इससे पहले उनके नाम को लेकर सार्वजनिक तौर पर ज्यादा चर्चा नहीं थी।
सपा ने फिलहाल दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी ने पहले उत्तर प्रदेश से तीन उम्मीदवार उतारने की बात कही थी। तीसरे उम्मीदवार का नाम अभी सामने नहीं आया है।
इससे पहले तीसरे उम्मीदवार के तौर पर पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और सलीम इकबाल शेरवानी समेत कई नामों की चर्चा रिपोर्टों में थी। हालांकि, इन नामों को लेकर अंतिम घोषणा नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव हो रहा है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हुई है और मतदान की जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को वोटिंग होगी।
राज्यसभा की एक सीट के लिए जरूरी प्रथम वरीयता वोटों के आधार पर इस चुनाव में विधानसभा का संख्याबल महत्वपूर्ण रहेगा। मौजूदा विधानसभा आंकड़ों के आधार पर बीजेपी-एनडीए और सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच अतिरिक्त सीट के लिए राजनीतिक गणित पर भी चर्चा हो रही है।
हालांकि, उम्मीदवारों के नाम घोषित होने और नामांकन पूरा होने के बाद ही चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी के नाम सामने आने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर सपा के तीसरे उम्मीदवार पर है। पार्टी ने पहले ही तीन उम्मीदवार मैदान में उतारने की बात कही थी। तीसरे नाम के सामने आने के बाद सपा की राज्यसभा रणनीति को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।