लखनऊ में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में दो बड़ी योजनाओं की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं की आधारशिला रखी और प्लॉट पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत की। इन दोनों योजनाओं का क्षेत्रफल करीब 10,680 एकड़ है और इनमें लगभग 12,000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित पांच बहुमंजिला अपार्टमेंट परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 2,166 करोड़ रुपये बताई गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वरुण विहार आवासीय योजना 6,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इससे छह लाख से ज्यादा लोगों को नियोजित आवासीय सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। योजना का उद्देश्य लखनऊ के विस्तार को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है।
नैमिष नगर योजना करीब 4,100 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे चार लाख से ज्यादा लोगों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इस योजना का नाम नैमिषारण्य से जुड़ा है, जिसे उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जोड़ा।
इन आवासीय परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, उन्हें उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि LDA और किसानों के बीच किसी तरह के बिचौलिए या दलाल की भूमिका नहीं होगी और ब्रोकरेज की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कुछ किसानों को मिले मुआवजे का भी उदाहरण दिया। उनके अनुसार कुछ लाभार्थियों को करीब 1.96 करोड़ रुपये से 3.13 करोड़ रुपये तक का मुआवजा मिला।
वरुण विहार और नैमिष नगर के अलावा लखनऊ में पांच प्रस्तावित बहुमंजिला अपार्टमेंट परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं पर करीब 2,166 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के विकास को केवल शहर या जिले तक सीमित रखने के बजाय इसे स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली को क्षेत्रीय विकास की योजना से जोड़ने की बात कही गई।
कार्यक्रम में लखनऊ में एयरपोर्ट और मेट्रो के विस्तार, किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर और सड़क कनेक्टिविटी में सुधार का भी उल्लेख किया गया। सरकार के मुताबिक इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी के आसपास बढ़ते शहरी विस्तार को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करना है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में रक्षा निर्माण को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि शहर में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण से लखनऊ की औद्योगिक पहचान में बदलाव आया है। उन्होंने इसे राजधानी के बढ़ते औद्योगिक आधार से जोड़कर बताया।