रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी Inox Clean Energy ने शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 29 सितंबर 2026 को SEBI के पास Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल किया है। प्रस्तावित IPO का आकार करीब 10,000 करोड़ रुपये है। इसमें 8,000 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 2,000 करोड़ रुपये तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा।
Inox Clean Energy के प्रस्तावित IPO में कुल 10,000 करोड़ रुपये तक के शेयर जारी किए जा सकते हैं।
इसमें:
8,000 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू
2,000 करोड़ रुपये तक का OFS
OFS के तहत प्रमोटर देवांश जैन अपने शेयर बेचेंगे
कंपनी IPO से पहले 1,600 करोड़ रुपये तक का प्री-IPO प्लेसमेंट भी कर सकती है
अगर प्री-IPO प्लेसमेंट पूरा होता है, तो उसके बराबर रकम फ्रेश इश्यू के आकार से घटाई जा सकती है।
कंपनी ने DRHP में बताया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली नेट रकम में से करीब 6,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने या कम करने के लिए किया जाएगा।
बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। अगस्त 2026 तक कंपनी का कंसोलिडेटेड बकाया कर्ज करीब 16,781.8 करोड़ रुपये था।
कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से दो हिस्सों में है।
पहला कारोबार रिन्यूएबल पावर जनरेशन का है। कंपनी Independent Power Producer यानी IPP के तौर पर भारत और अफ्रीका में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स संचालित करती है।
दूसरा कारोबार सोलर मैन्युफैक्चरिंग का है, जिसमें कंपनी सोलर PV मॉड्यूल और सोलर सेल का निर्माण करती है।
अगस्त 2026 तक कंपनी का रिन्यूएबल पावर पोर्टफोलियो करीब 9.29 GW बताया गया है। इसमें भारत और अफ्रीका के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
कंपनी के मुताबिक इसमें करीब:
2.37 GW क्षमता ऑपरेशनल है
0.80 GW निर्माणाधीन है
2.99 GW पाइपलाइन में है
3.13 GW भविष्य की क्षमता के तौर पर दर्ज है
ये आंकड़े कंपनी के DRHP में अगस्त 2026 की स्थिति के अनुसार दिए गए हैं।
Inox Clean Energy का सोलर मैन्युफैक्चरिंग कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी के पास भारत और अमेरिका में करीब 6 GW की ऑपरेशनल सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बताई गई है।
इसके अलावा ओडिशा में 5 GW की सोलर मॉड्यूल क्षमता और भारत-अमेरिका में करीब 8 GW की सोलर सेल क्षमता निर्माणाधीन बताई गई है।
DRHP के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का मुनाफा करीब 30.9 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह करीब 1.5 करोड़ रुपये था।
इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 47.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 178.1 करोड़ रुपये हो गया।
DRHP के मुताबिक प्रमोटर देवांश जैन और अवर्णा जैन के पास कंपनी की कुल जारी शेयर पूंजी में संयुक्त रूप से करीब 91.65 फीसदी हिस्सेदारी है।
प्रस्तावित IPO में देवांश जैन 2,000 करोड़ रुपये तक के शेयर OFS के जरिए बेच सकते हैं।
फिलहाल कंपनी ने DRHP दाखिल किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि IPO की तारीख, प्राइस बैंड या लॉट साइज तय हो चुके हैं।
IPO की आगे की प्रक्रिया में SEBI की मंजूरी और अन्य नियामकीय चरण शामिल होंगे। इसलिए निवेशकों को अंतिम रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस और कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना होगा।
कंपनी की ओर से निवेशकों के लिए जानकारी उसके आधिकारिक Investor Relations पेज पर भी उपलब्ध है।
10,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित आकार के कारण यह रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा प्रस्तावित IPO है। कंपनी एक ही प्लेटफॉर्म के तहत रिन्यूएबल पावर जनरेशन और सोलर मैन्युफैक्चरिंग दोनों कारोबार चला रही है।
हालांकि IPO में निवेश से पहले कंपनी के कर्ज, वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, IPO प्राइस और DRHP में बताए गए जोखिमों को देखना जरूरी होगा। केवल IPO का बड़ा आकार अपने आप में निवेश का आधार नहीं माना जाना चाहिए।