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पढ़ाई में सिर्फ नंबर नहीं, ये 4 आदतें भी जरूरी, पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बताया सफलता का फॉर्मूला

आज के समय में हर छात्र पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करना और जीवन में सफल होना चाहता है। लेकिन सफलता के लिए सिर्फ ज्यादा घंटे पढ़ना ही काफी नहीं है। इसके लिए रोजाना की आदतें और सीखने का तरीका भी काफी मायने रखता है। पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने छात्रों को ऐसी ही चार बातें बताई हैं, जिन्हें अपनाकर वे अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं।

हर दिन लक्ष्य के लिए कुछ न कुछ करें

दिव्या मित्तल ने छात्रों के लिए पहला नियम 'नो जीरो डेज' बताया है। उनका कहना है कि किसी भी दिन अपने लक्ष्य के लिए बिल्कुल शून्य काम नहीं होना चाहिए।

अगर किसी दिन चार घंटे पढ़ाई करना संभव नहीं है तो एक घंटा पढ़ें। अगर स्वास्थ्य या किसी दूसरी वजह से एक घंटा भी मुश्किल है तो कम से कम कुछ मिनट अपने लक्ष्य के लिए जरूर दें। उनका मानना है कि रोजाना की छोटी कोशिश भी लगातार आगे बढ़ने में मदद करती है।

अपनी गलतियों को कमजोरी नहीं, सीख मानें

दूसरा मंत्र अपनी गलतियों से सीखना है। दिव्या मित्तल के अनुसार, सफल लोगों की एक खास आदत यह होती है कि वे अपनी गलतियों को नजरअंदाज नहीं करते, बल्कि उन्हें समझते हैं और उनमें सुधार करने की कोशिश करते हैं।

छात्रों के लिए इसका मतलब है कि परीक्षा में कम नंबर आना, किसी विषय को समझने में परेशानी होना या किसी लक्ष्य को हासिल न कर पाना अंत नहीं है। इन परिस्थितियों से सीख लेकर अगली बार बेहतर तैयारी की जा सकती है।

सीखने में ईगो को बीच में न आने दें

तीसरी बात है कि किसी नई चीज को सीखने में अहंकार को बाधा न बनने दें। कई बार व्यक्ति यह सोचकर कुछ सीखने से बचता है कि उसे पहले से सब कुछ पता है।

दिव्या मित्तल का कहना है कि एक अच्छा विद्यार्थी वही है जिसके अंदर हमेशा सीखने की इच्छा बनी रहती है। उम्र, पद या अनुभव चाहे कुछ भी हो, अगर कोई नई बात सीखने को मिल रही है तो उसे खुले मन से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने इसी बात को समझाने के लिए राम और रावण से जुड़ा उदाहरण भी साझा किया।

अच्छा विद्यार्थी बनने के लिए जरूरी है लगातार सीखना

दिव्या मित्तल के बताए ये नियम सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं। नियमित प्रयास, गलतियों से सीखना और सीखने की इच्छा किसी भी व्यक्ति के व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन में उपयोगी हो सकती है।

उनका संदेश छात्रों के लिए यही है कि सफलता के लिए हर दिन बड़े कदम उठाना जरूरी नहीं, लेकिन आगे बढ़ने की कोशिश बंद नहीं होनी चाहिए।

 

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