महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूर्व आर्मी मेजर और एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो में वह महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर बनने और CO2 से चलने वाली एयर पिस्टल के इस्तेमाल की ट्रेनिंग लेने की सलाह देती नजर आईं। उन्होंने इसे पारंपरिक गोली वाली बंदूक से अलग बताया और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने पर जोर दिया। हालांकि, उनके इस सुझाव के बाद सैन्य और डिफेंस एक्सपर्ट्स के बीच बहस शुरू हो गई।
खुशबू पाटनी ने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में .177 कैलिबर CO2 एयर पिस्टल दिखाई। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे अपनी सुरक्षा के लिए किसी दूसरे व्यक्ति पर पूरी तरह निर्भर न रहें और अगर कोई इस तरह के उपकरण को रखना चाहता है तो पहले उसे ठीक से चलाने की ट्रेनिंग लेनी चाहिए।
उन्होंने शूटिंग रेंज में अभ्यास करने की सलाह भी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि एयर पिस्टल को खिलौना नहीं समझना चाहिए और इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।
खुशबू पाटनी की सलाह सामने आने के बाद कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों और डिफेंस विशेषज्ञों ने हथियार संभालने के तरीके पर सवाल उठाए। विशेषज्ञों का कहना है कि एयर पिस्टल में पारंपरिक गोली नहीं होती, लेकिन इससे निकलने वाला प्रोजेक्टाइल चोट पहुंचा सकता है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रिटायर्ड विंग कमांडर पुष्कल विजय द्विवेदी ने वीडियो में दिखाए गए ट्रिगर और हथियार की दिशा संभालने के तरीके को लेकर चिंता जताई। डिफेंस एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन ने भी ट्रिगर डिसिप्लिन पर सवाल उठाया।
एयर गन को लेकर यह धारणा सही नहीं है कि हर एयर पिस्टल बिना किसी नियम के खरीदी और रखी जा सकती है। Arms Rules, 2016 के तहत 20 जूल से ज्यादा muzzle energy और/या 0.177 इंच (4.5 mm) से ज्यादा bore वाली air weapons के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है।
इसके अलावा तय सीमा से नीचे आने वाली air weapons पर भी नियम लागू होते हैं और उनकी खरीद अधिकृत डीलर के जरिए की जानी होती है। यानी किसी एयर पिस्टल को खरीदने या रखने से पहले उसके स्पेसिफिकेशन और लागू नियमों की जानकारी जरूरी है।
एयर पिस्टल को अक्सर सामान्य बंदूक से कम खतरनाक माना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इससे चोट नहीं लग सकती। विशेषज्ञों के अनुसार, नजदीक से चलाया गया प्रोजेक्टाइल गंभीर चोट पहुंचा सकता है, खासकर आंख, सिर या शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर।
इसी वजह से विशेषज्ञ एयर गन को खिलौने की तरह इस्तेमाल करने या बिना उचित ट्रेनिंग के इसे संभालने के खिलाफ सावधानी बरतते हैं।
खुशबू पाटनी का यह वीडियो ऐसे समय आया है जब बिहार के जमुई और दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े मामलों के बाद महिला सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज है। इसी माहौल में उन्होंने महिलाओं को अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा जागरूक और आत्मनिर्भर रहने का संदेश दिया।
हालांकि, विशेषज्ञों की बहस का मुख्य मुद्दा यह है कि आत्मरक्षा के लिए किसी हथियार को रखने का फैसला उसकी कानूनी स्थिति, सही ट्रेनिंग और सुरक्षित हैंडलिंग की जानकारी के साथ ही किया जाना चाहिए।
खुशबू पाटनी के वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने महिलाओं को सेल्फ डिफेंस के लिए जागरूक करने की पहल का समर्थन किया, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि बिना पर्याप्त ट्रेनिंग के एयर पिस्टल रखना सुरक्षा बढ़ाने के बजाय जोखिम भी पैदा कर सकता है।
इस पूरे विवाद ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा किया है—महिलाओं की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा की ट्रेनिंग और जागरूकता कितनी जरूरी है और हथियारों का इस्तेमाल इसमें किस हद तक उचित या सुरक्षित है।
नोट: एयर पिस्टल या किसी भी हथियार को खरीदने, रखने या इस्तेमाल करने से पहले लागू कानूनों और अधिकृत विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है।