उत्तराखंड के पहाड़ों में घूमने और धार्मिक यात्रा पर निकले लोगों की भारी भीड़ अब परेशानी का सबब बन गई है। जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच करीब 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। लंबे वीकेंड के चलते सड़कों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया और पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई।
जोशीमठ से मारवाड़ी तक का सफर आमतौर पर करीब आधे घंटे में पूरा हो जाता है, लेकिन जाम के कारण यात्रियों को 2 से 3 घंटे तक का समय लग रहा है। सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। कई वाहन काफी देर तक एक ही जगह खड़े रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच सड़क चौड़ीकरण का काम भी जाम की एक बड़ी वजह बताया जा रहा है। पहाड़ी रास्ते पहले से ही संकरे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य और वाहनों की बढ़ती संख्या ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। सड़क पर जगह कम होने के कारण गाड़ियों को निकलने में काफी समय लग रहा है।
घंटों तक जाम में फंसे रहने से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को हुई। बदरीनाथ धाम और आसपास के पर्यटन स्थलों की यात्रा पर निकले कई परिवारों को अपनी गाड़ियों में ही लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
2 अक्टूबर की छुट्टी के बाद शनिवार और रविवार का अवकाश होने से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पहुंचे। बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ आसपास के पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों की भीड़ ने सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ा दिया।
पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर हर छुट्टी के दौरान बढ़ने वाली भीड़ ने एक बार फिर यातायात प्रबंधन और सड़क क्षमता से जुड़ी चुनौतियां सामने ला दी हैं।
फिलहाल जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच लगे जाम ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोग जल्द से जल्द रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।