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लखनऊ में गोमती का कहर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे सीएम योगी; राहत सामग्री बांटी

लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। फैजुल्लागंज, बीकेटी और लखनऊ उत्तर के कई हिस्सों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया। 

हरदा गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मिले सीएम

मुख्यमंत्री बीकेटी तहसील के हरदा गांव पहुंचे और बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने लोगों को राहत सामग्री वितरित की और प्रशासन को प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान पहुंचाने के निर्देश दिए।

राहत किट में आटा, चावल, आलू, दाल, तेल, नमक और जरूरी घरेलू सामान शामिल हैं। बच्चों के लिए दूध, पशुओं के चारे और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। 

50 से ज्यादा जिलों में हुई भारी बारिश

सीएम योगी ने बताया कि पिछले करीब 10 दिनों में उत्तर प्रदेश के 50 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के साथ नेपाल में हुई बारिश का पानी नीचे आने से गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसका असर लखनऊ के निचले इलाकों में दिखाई दिया। 

फैजुल्लागंज में नावों से पहुंचाई जा रही मदद

फैजुल्लागंज में कई घरों में पानी घुस गया है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इलाके में राहत शिविर और मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं। 

फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध की तैयारी

बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत के लिए मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी के किनारे तटबंध बनाने की योजना पर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग को संवेदनशील इलाकों का सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।

साथ ही तटबंध के अंदर बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए पंपिंग स्टेशन बनाने की जगह भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि लोगों तक भोजन, दवाइयां और दूसरी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का काम जारी है।

 

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