भारत की करीब ₹90 हजार करोड़ की बड़ी डिफेंस डील पर अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन की नजर है। भारत ने वायुसेना के लिए 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने का टेंडर जारी किया है। इस प्रोजेक्ट में कई भारतीय कंपनियां विदेशी विमान निर्माता कंपनियों के साथ मिलकर बोली लगा रही हैं।
48 विमान भारत में बनाने का प्रस्ताव
लॉकहीड मार्टिन ने अपने प्रस्ताव में 60 विमानों में से 48 विमान भारत में बनाने की पेशकश की है, जबकि 12 विमान तैयार हालत में भारत को दिए जाएंगे। इसके लिए कंपनी पहले से अपने भारतीय साझेदार के साथ मौजूद मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को और बढ़ाने की योजना बना रही है।
भारत में C-130J विमान के कई महत्वपूर्ण हिस्सों का निर्माण पहले से हो रहा है। ऐसे में नई डील मिलने पर इस उत्पादन नेटवर्क को और बड़ा किया जा सकता है।
मौजूदा C-130J विमानों को भी मिलेगा अपग्रेड
लॉकहीड मार्टिन ने भारतीय वायुसेना के मौजूदा 12 C-130J विमानों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी दिया है। इन्हें नए विमानों के आधुनिक कॉन्फिगरेशन के अनुरूप लाने की योजना है।
अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो भारतीय वायुसेना के पास एक समान कॉन्फिगरेशन वाले विमानों का बड़ा बेड़ा तैयार हो सकता है। मौजूदा C-130J विमान लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ऑपरेशन, राहत अभियानों और आपातकालीन निकासी जैसे मिशनों में इस्तेमाल किए जाते हैं।
कई कंपनियां दौड़ में
इस करीब 10.5 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट के लिए भारतीय कंपनियां अलग-अलग विदेशी विमान निर्माताओं के साथ मैदान में हैं। इसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, महिंद्रा ग्रुप, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और रिलायंस डिफेंस जैसी कंपनियां शामिल हैं।
अगर लॉकहीड मार्टिन की बोली सफल होती है तो भारत में सैन्य परिवहन विमानों के निर्माण की क्षमता बढ़ने के साथ-साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को भी बड़ा फायदा मिल सकता है। हालांकि, अभी इस डील पर अंतिम फैसला होना बाकी है।