लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। नदी का पानी अब शहर के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच गया है। कई इलाकों में लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
गोमती का पानी हनुमंत धाम यानी हनुमान सेतु मंदिर परिसर तक पहुंच गया है। पानी बढ़ने के कारण मंदिर में सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई है। नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि आसपास के कई हिस्से जलमग्न नजर आ रहे हैं।
कुड़ियाघाट, चंद्रिका देवी मंदिर क्षेत्र और रिवरफ्रंट के आसपास भी पानी का असर दिखाई दे रहा है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोमती रिवरफ्रंट की ‘फूड वैली’ को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। स्थिति सामान्य होने के बाद ही इसे दोबारा खोले जाने की बात कही गई है।
फैजुल्लागंज और आसपास के निचले इलाकों में हालात सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई घरों और गलियों में पानी भर गया है। लोगों की आवाजाही के लिए प्रशासन ने नावें तैनात की हैं और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
प्रशासन की ओर से राहत के लिए 30 नावें और चार राहत शिविर लगाए गए हैं। प्रभावित लोगों को ड्राई राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेडिकल किट और जरूरी दवाएं पहुंचा रही हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। पानी निकालने के लिए पंपसेट लगाए गए हैं और मच्छरों से बचाव के लिए एंटी-लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
फिलहाल गोमती का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी जारी है। प्रशासन की नजर जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों पर बनी हुई है।