प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में करीब साढ़े तीन साल से फरार चल रहे पांच लाख रुपये के इनामी आरोपी अरमान को बिहार की गया जेल से प्रयागराज लाया गया है। पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश कर हत्याकांड से जुड़े मामलों में पूछताछ की तैयारी कर रही है।
उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक सवार नजर आया था। पुलिस के मुताबिक, उस बाइक को अरमान चला रहा था और पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था। वारदात के बाद दोनों बाइक से मौके से फरार हुए थे।
हत्याकांड के बाद अरमान पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
दिलचस्प बात यह है कि जिस अरमान को यूपी पुलिस लंबे समय से तलाश रही थी, वह बिहार की गया जेल में बंद था। उमेश पाल हत्याकांड के कुछ ही दिनों बाद उसने गया में दर्ज एक पुराने मामले में कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद फरवरी 2023 से वह जेल में ही बंद रहा।
अब प्रयागराज पुलिस को उसकी पहचान और जेल में मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे यूपी लाया गया है।
अरमान की पूछताछ में पुलिस का फोकस सिर्फ उमेश पाल हत्याकांड तक सीमित नहीं रहने वाला है। जांच एजेंसियां यह जानना चाहेंगी कि वारदात के बाद गुड्डू मुस्लिम और अरमान के रास्ते कब अलग हुए और गुड्डू उसके बाद कहां गया।
इसके अलावा शाइस्ता परवीन की फरारी को लेकर भी उससे सवाल किए जा सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, अरमान शाइस्ता के करीब रहा था और उसके मूवमेंट के बारे में जानकारी रखता था। ऐसे में जांच एजेंसियां उसके जरिए शाइस्ता के संभावित ठिकानों और फरारी के नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकती हैं।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। वहीं गुड्डू मुस्लिम, शाइस्ता परवीन और कुछ अन्य आरोपी अब भी फरार बताए जाते हैं।
अब अरमान से होने वाली पूछताछ को इस मामले में अहम माना जा रहा है। हालांकि, उसके पास गुड्डू मुस्लिम या शाइस्ता के बारे में फिलहाल कितनी जानकारी है, यह पूछताछ और जांच के बाद ही साफ होगा।