अक्टूबर का महीना घर में सब्जियों का छोटा सा किचन गार्डन तैयार करने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। मौसम में गर्मी कम होने लगती है और हल्की ठंड की शुरुआत हो जाती है। ऐसे में अगर आपके पास छत, बालकनी या घर में थोड़ी सी जगह है तो गमले या ग्रो बैग में कई सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं।
पालक और मेथी को ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। इन्हें छोटे गमले या ट्रे में भी उगाया जा सकता है। बीज बोने के कुछ हफ्तों बाद पत्तियां इस्तेमाल के लिए तैयार होने लगती हैं और सही देखभाल के साथ बार-बार पत्तियां तोड़ी जा सकती हैं।
धनिया भी अक्टूबर में लगाने के लिए अच्छा विकल्प है। इसे छोटे गमले या किसी कंटेनर में आसानी से उगाया जा सकता है। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अलग-अलग समय पर बीज बोने से लंबे समय तक ताजा धनिया मिलता रह सकता है।
सर्दियों की हरी मटर घर पर उगाने के लिए अक्टूबर में बीज बो सकते हैं। मटर के पौधे बेल की तरह बढ़ते हैं, इसलिए उन्हें सहारा देने के लिए लकड़ी की स्टिक या रस्सी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
गाजर को घर में उगाने के लिए थोड़ा गहरा गमला या ग्रो बैग चुनना जरूरी है, ताकि उसकी जड़ को फैलने की पर्याप्त जगह मिले। मिट्टी भुरभुरी हो तो गाजर का विकास बेहतर हो सकता है।
मूली की खासियत यह है कि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती और कई किस्में करीब 30 से 45 दिनों में तैयार हो सकती हैं। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल भी खाने में किया जा सकता है।
अगर आपके पास थोड़ा बड़ा गमला या ग्रो बैग है तो अक्टूबर में ब्रोकली और फूलगोभी भी लगाई जा सकती है। इन पौधों को पर्याप्त धूप और पोषण की जरूरत होती है, इसलिए मिट्टी में अच्छी मात्रा में कम्पोस्ट या जैविक खाद मिलाना फायदेमंद रहेगा।
सब्जियां लगाने से पहले मिट्टी को अच्छी तरह तैयार करें। पुरानी मिट्टी में गोबर की खाद, वर्मीकम्पोस्ट या घर की बनी कम्पोस्ट मिलाई जा सकती है। गमले में पानी निकलने के लिए ड्रेनेज होल जरूर रखें, क्योंकि ज्यादा पानी जमा होने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
अगर अक्टूबर में इन सब्जियों की शुरुआत कर दी जाए और मौसम व पौधों की जरूरत के हिसाब से पानी, धूप और खाद का ध्यान रखा जाए, तो आने वाले महीनों में घर की बालकनी या छत से ही ताजी सब्जियां मिल सकती हैं।