बिग बॉस 20 से बाहर होने के बाद मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी ने अपने बयानों को लेकर खुलकर बात की है। शो के दौरान रीति ने बताया था कि उन्हें पिता की तरफ से हर महीने करीब 20 से 25 हजार रुपये पॉकेट मनी मिलती थी और कई बार उन्हें इसी रकम में अपने खर्च चलाने पड़ते थे।
रीति ने साफ किया कि उन्होंने कभी अपनी जिंदगी को संघर्ष की कहानी बताकर किसी की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश नहीं की। उनका कहना है कि शो में उन्होंने जो भी बताया, वह सिर्फ उनके जीवन का एक हिस्सा था।
रीति के मुताबिक, उन्होंने यह भी नहीं कहा था कि उन्हें किसी तरह का विशेषाधिकार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह उस समय शो में जरूरत से ज्यादा रियल हो गई थीं और अपने अनुभव शेयर कर बैठीं।
रीति ने बताया कि वह अभी 25 साल की हैं और उनके परिवार की सोच हमेशा से साफ रही है कि उन्हें अपनी जिंदगी खुद बनानी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर उन्हें हर चीज आसानी से मिल जाती, तो शायद खुद कुछ हासिल करने की इच्छा और जुनून उतना मजबूत नहीं होता।
उन्होंने कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि उनके लिए सबकुछ तैयार करके नहीं दिया गया और उन्हें अपनी पहचान खुद बनाने का मौका मिला।
25 हजार रुपये की पॉकेट मनी वाले बयान के बाद रीति के कथित एक्स स्टेपफादर एकम बावा ने सोशल मीडिया पर उनके दावों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने रीति की महंगी गाड़ियों, बैग्स और दूसरी संपत्तियों का जिक्र करते हुए उनके बयान पर सवाल खड़े किए थे।
अब रीति ने इस पूरे मामले पर सीधे बहस करने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में लीगल एक्शन लिया जा चुका है और आगे की जानकारी उनकी कानूनी टीम की ओर से दी जाएगी।
रीति ने कहा कि अगर उन्हें लोगों की सहानुभूति चाहिए होती तो वह यह बात कई साल पहले भी उठा सकती थीं। लेकिन उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था। उनका कहना है कि बिग बॉस के घर में वह काफी भावुक और बेबाक हो गई थीं, इसलिए अपनी जिंदगी से जुड़ी बातें कैमरे के सामने शेयर कर दीं।
अब बिग बॉस से बाहर आने के बाद रीति ने साफ कर दिया है कि 25 हजार रुपये वाली बात को वह अपनी ‘स्ट्रगल स्टोरी’ नहीं मानतीं, बल्कि इसे अपने जीवन का एक अनुभव बताती हैं।