केरल में सहकारी बैंकों और समितियों से जुड़े मामलों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने राज्य के तीन जिलों में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
जांच एजेंसी की कार्रवाई त्रिशूर, एर्नाकुलम और कोझिकोड जिलों में की गई। सहकारी बैंकों और उनसे जुड़े अन्य परिसरों के अलावा बोर्ड सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों पर भी तलाशी ली गई।
जांच का फोकस कथित वित्तीय अनियमितताओं और पैसों के लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों पर बताया जा रहा है।
मामले में सहकारी संस्थाओं में हुई कथित करोड़ों रुपये की वित्तीय गड़बड़ियों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर पैसों का इस्तेमाल और लेनदेन किस तरह किया गया।
अंगमाली अर्बन कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े करीब 121 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता का मामला भी जांच के दायरे में बताया जा रहा है।
छापेमारी केवल बैंक कार्यालयों तक सीमित नहीं रही। जांच टीमों ने कुछ पदाधिकारियों और कर्मचारियों के आवासों पर भी तलाशी ली। इस दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जुटाए जाने की बात सामने आई है।
केरल के सहकारी क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों के बाद ऑडिट व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
फिलहाल ताजा कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ और किन लोगों की भूमिका सामने आती है, इसकी जानकारी जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।