दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक जर्जर बहुमंजिला मकान गिरने से बड़ा हादसा हो गया। 7 अक्टूबर की शाम हुए इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव टीमों ने कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला है और अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
हादसा सीमापुरी के ईदगाह-मछली मंडी इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि करीब 20 से 25 साल पुराना मकान था और इसमें कई परिवार रहते थे। मकान के गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मलबे में फंस गए।
दमकल, पुलिस, एनडीआरएफ, एमसीडी और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
हादसे में एक 21 वर्षीय गर्भवती महिला और दो बच्चों की मौत की पुष्टि हुई थी। बाद में मलबे से एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या चार हो गई। आठ घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बचाव दल भारी मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। तंग गलियों की वजह से भारी मशीनरी को घटनास्थल तक पहुंचाने में भी दिक्कत आई। स्थानीय लोग भी राहत टीमों के साथ मलबा हटाने में मदद करते नजर आए।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि हादसे से एक दिन पहले आए भूकंप के झटकों के बाद मकान में दरारें दिखाई दी थीं। हालांकि प्रशासन ने अभी इसे हादसे की अंतिम वजह नहीं माना है। मकान के निर्माण और उसकी संरचनात्मक स्थिति की जांच की जा रही है।
सीमापुरी हादसे ने दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले सितंबर में सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी। अब सीमापुरी की घटना के बाद जर्जर और असुरक्षित इमारतों की जांच को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।