वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज अपने शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद पहली बार राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे। उनके आश्रम छोड़ने और एकांतवास में जाने की चर्चाओं के बीच 8 अक्टूबर की सुबह उनके दर्शन हुए। इसके साथ ही आश्रम से जुड़ी कई अफवाहों पर भी स्पष्टीकरण सामने आया है।
प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे। उनकी मौजूदगी की खबर मिलते ही भक्तों की भीड़ जुट गई। पिछले कई दिनों से श्रद्धालु उनके दर्शन का इंतजार कर रहे थे। महाराज कुछ समय आश्रम में रुके और फिर अपने गुरु के आश्रम में दर्शन के लिए पहुंचे।
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी, जिन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था, की 25 सितंबर को मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, वह एक इमारत की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मामले की जांच जारी है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर आश्रम और महाराज को लेकर कई तरह की बातें फैलने लगीं। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम छोड़कर एकांतवास में चले गए हैं। वहीं, दोनों आश्रमों को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।
आश्रम से जुड़े संत महिमा फेसबुक पेज पर जारी स्पष्टीकरण में बताया गया कि राधा केली कुंज आश्रम और दूसरा आश्रम अलग-अलग हैं। आश्रम की ओर से लोगों से अपील की गई कि अधूरी जानकारी और अफवाहों के आधार पर गलत निष्कर्ष न निकालें।
इससे पहले राधा केली कुंज ट्रस्ट ने शिष्य की मौत पर दुख जताते हुए पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष जांच में सहयोग देने की बात कही थी। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील भी की थी।
शिष्य की मौत के बाद आश्रम में कुछ व्यवस्थाएं बदली गई थीं। दीक्षा कार्यक्रम को अनिश्चितकाल के लिए रोकने और टोकन के जरिए होने वाले दर्शन पर रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई थी। कुछ स्थानों पर भक्तों के दर्शन की व्यवस्था भी अस्थायी रूप से बंद की गई थी।
हालांकि, इन बदलावों के कितने समय तक लागू रहने को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचने से भक्तों के बीच उनकी मौजूदगी को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगा है। वहीं, उनके शिष्य की मौत से जुड़े मामले में पुलिस जांच जारी है। घटना के कारणों और उससे जुड़े सवालों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के तथ्यों के सामने आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।