उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त LPG सिलेंडर देने समेत कई अहम प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त साड़ी, इलेक्ट्रिक बसों और प्रदेश के विकास से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे।
दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर देने का प्रस्ताव बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल था। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है।
मुफ्त सिलेंडर का लाभ किन पात्र परिवारों को और किस प्रक्रिया से मिलेगा, इसके लिए सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को देखना जरूरी होगा।
कैबिनेट बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे प्रदेश की करीब तीन लाख महिला कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के 18 शहरों में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई शहरों में बसों का संचालन किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना और यात्रियों को सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना है।
बैठक में भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन स्थापित करने और स्टार्टअप को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे।
कैबिनेट में व्यापारियों को राहत देने के लिए ब्याज माफी योजना और खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान व मोटे अनाज की खरीद नीति से जुड़े प्रस्तावों पर भी फैसला लिया गया। इन फैसलों का असर प्रदेश के व्यापार और कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है।