दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बीच पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दो पुलिसकर्मियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें पीछे से खींचकर गिराया गया और एक जवान को लात मारी गई। पुलिस अब वीडियो के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।
वीडियो में पुलिसकर्मी भूपेंद्र और देवेंद्र ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान वे लोगों को हटाकर बस की ओर ले जाने के लिए ह्यूमन चेन बना रहे थे। इसी बीच उन्हें पीछे से खींचा गया और धक्का-मुक्की के दौरान वे जमीन पर गिर गए।
एक पुलिसकर्मी के मुताबिक, गिरने के बाद उसका बॉडी-वॉर्न कैमरा भी जमीन पर गिर गया। कैमरा उठाकर खड़े होने के दौरान उसे पीछे से लात मारी गई। जवान ने आरोप लगाया कि जब उसने पीछे मुड़कर देखा, तो हमला करने वाला व्यक्ति वहां से भाग गया।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है।
इसी मुद्दे पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में मार्च निकालने की कोशिश की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद मौके पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी।
दिल्ली पुलिस वायरल वीडियो और दूसरे फुटेज की जांच कर रही है, ताकि कथित मारपीट और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने के आरोपों में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। इस प्रदर्शन से जुड़े मामलों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज होने की भी खबर है।
हालांकि, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के आरोपों में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस घटना के बाद प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका और प्रदर्शनकारियों के व्यवहार को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगों पर अड़ा है, जबकि पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा और अवरोध की जांच कर रही है।