आजकल लोग जमीन के बजाय फ्लैट या अपार्टमेंट (Flat Buyer) खरीदते हैं क्योंकि जमीन से घर खरीदना काफी महंगा है। हर बिल्डिंग की एक उम्र होती है इसलिए एक समय बाद बिल्डिंग कमजोर हो जाएगी। पूरी बिल्डिंग के रिकंस्ट्रक्शन का खर्च फ्लैट-अपार्टमेंट के सभी मालिकों को मिलकर उठाना होगा। यदि फ्लैट का मालिक जीवित नहीं है तो जिसके पास फ्लैट होगा उसे खर्च उठाना होगा।जमीन से घर खरीदना बहुत महंगा हो गया है और लोगों के बजट से बाहर हो गया है। जमीन की कम उपलब्धता के चलते किफायती होने के कारण लोग फ्लैट खरीदते हैं। पर हर बिल्डिंग की एक उम्र होती है। जिस बिल्डिंग में आपका फ्लैट या अपार्टमेंट है, वो भी एक समय बाद कमजोर, पुरानी और खराब हो जाएगी। तो तब उसे कौन बनवाएगा? आइए जानते हैं इसका
फ्लैट या अपार्टमेंट में छोटी-मोटी रिपेयर की बात आए तो फ्लैट का मालिक ही करा। कुछ मामलों में ये जिम्मेदारी बिल्डर की होती है
जब पूरी बिल्डिंग के रिकंस्ट्रक्शन की बात आए तो ये काम एक व्यक्ति का नहीं है। उस बिल्डिंग के कमजोर या जर्जर हो जाने पर अगर तोड़कर बनाया जाएगा तो उसे बनवाने का खर्च फ्लैट-अपार्टमेंट के सारे मालिकों को मिलकर उठाना होगा।
100 साल बाद या तब जब फ्लैट वाली बिल्डिंग को तोड़कर बनवाने की नौबत आ जाए और किसी फ्लैट या अपार्टमेंट का मालिक जीवित न हो तो क्या होगा? उस स्थिति में जिस व्यक्ति के पास फ्लैट होगा, उसे खर्चा उठाना होगा। यानी अगर पिता की मौत के बाद फ्लैट बेटे के पास है तो उसे खर्च उठाना होगा।